जानिए इनकम टैक्स रिफंड स्टेटस की जांच कैसे करें?

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आप जब अपने इनकम टैक्स के लिए प्रति वर्ष डिक्लेरेशन भरतें हैं तो उस डिक्लेरेशन के अनुसार आपकी सैलरी से आयकर कट जाता है ! कई बार कुछ लोग डिक्लेरेशन से अधिक निवेश कर देते है, ऐसा होने पर आपके द्वारा अतिरिक्त जमा किया गया कर वापिस आ जाता है ! यदि आप आयकर विभाग द्वारा किये गए रिफंड की राशि का स्टेटस जानना चाहतें हैं, तो अब आप यह आसानी से ऑनलाइन कर सकतें हैं ! किन्तु ऐसा करने के लिए आपके पास इंटरनेट की सुविधा का होना आवश्यक है !

आईए जानते है इनकम टैक्स रिफंड स्टेटस की जांच कैसे करें?

  1. सबसे पहले आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाएँ
  2. अब अपना पैन नंबर दर्ज करें
  3. अब अपना आकलन वर्ष दर्ज करें
  4. अंत में सबमिट बटन पर क्लिक करें

tax/how-to-check-income-tax-refund-status

आपकी धन वापसी के स्टेटस के आधार पर आपको आपकी स्क्रीन पर एक सन्देश दिखाया जाएगा, यह सन्देश इस प्रकार है:

रिफंड स्टेटस- एक्सपार्यड:  इसका अर्थ है की आपके द्वारा प्राप्त की गयी धन वापसी का चेक निर्धारित समय के भीतर बैंक में जमा नहीं करवाया गया ! धन वापसी के चेक की वैद्यता 30 दिन है ! इस वैद्यता के दौरान करदाता को भुगतान प्राप्त करने के लिए बैंक में चेक जमा करवाना अति आवश्यक है ! यदि ऐसा नहीं होता ऐसे परिदृश्य में करदाता को रिफंड पुण्य जारी अनुरोध इ-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर करना आवश्यक होगा !

रिफंड स्टेटस- रिटर्न्ड: ऐसा होने के 2 कारण हो सकतें हैं ! पहला यदि आयकर रिफंड आपको ECS द्वारा भेजा गया है तो धन राशि का भुगतान स्थानांतरण संभव नहीं होगा, यदि आपने अपने बैंक खाते का विवरण गलत दिया है ! दूसरा कारण, एक चेक या डिमांड ड्राफ्ट उस अवस्था में वापिस आ सकता है यदि आपने अपना स्थानांतरण पता गलत दिया है या फिर आपका घर बंद पाया गया है !

रिफंड स्टेटस प्रत्यक्ष ऋण के मध्यम से प्रसंस्कृत परन्तु असफल: इसका मतलब यह है की आयकर विभाग ने आपके धन वापसी की राशि को सीधा क्रेडिट करने की कोशिश की थी परन्तु निचे दीये गए संभावित कारणों में से किसी एक के कारण विफल हो गए:

  • आपका बैंक खाता बंद कर दिया गया था
  • आपके बैंक खाते में सञ्चालन बंद या प्रतबंधित या होल्ड कर दिया गया था
  • आपका खाता फिक्स्ड डिपाजिट, पीपीएफ या लोन का खाता था
  • आपका खाता एक अनिवासी भारतीय का खाता था
  • खाता धारक की मृत्यु होने पर
  • खाता विवरण गलत होने पर

रिफंड स्टेटस – NEFT /NECS के जरिये प्रोसेस किया गया परन्तु असफल: इसका मतलब यह है की आपका रिफंड NEFT /NECS के मध्यम से शुरू किया गया था परन्तु वह विफल हो गया है ! ऐसा होने पर, एक करदाता को रिटर्न भरने के समय अपनी बैंक खाता संख्या, बैंक खाता विवरण एवं M!CR /!FSC कोड की पुष्टि करना आवश्यक है !

रिफंड स्टेटस पिछले साल की बकाया मांग के अनुसार समायोजित: इसका मतलब यह है की करंट वर्ष के लिए रिफंड को पिछले मूलयांकन वर्ष की बकाया मांग को या तोह भागों में या पूर्ण रूप में समायोजित किया गया था ! धारा 245 के तहत आयकर विभाग को ऐसा करने का पूर्ण अधिकार है !

इसके अतिरिक्त आप अपना इनकम टैक्स रिफंड भारतीय स्टेट बैंक की हेल्पलाइन पर कॉल करके या ई-मेल करके भी जान सकतें है !

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