केन्द्र सरकार ने छोटे व्यापारियों के हित को ध्यान में रखकर उनके लिये मुद्रा योजना की शुरुआत की है। तो अगर आप भी अपना खुद का बिजनेस शुरु करना चाहते हैं अथवा अपने कारोबार को और अधिक बढ़ाना चाहते हैं लेकिन पूँजी की कमी से ऐसा करना संभव नहीं हो पा रहा है। तो आप इस योजना का लाभ लेकर अपने सपने साकार कर सकते हैं। इस योजना के तहत सरकार छोटे उद्योगो को बढ़ावा देना चाहती है। मुद्रा योजना को शुरु करने के पीछे सरकार के दो मुख्य उद्देश्य हैं। पहला तो नये व्यापारियों तथा खुद का रोजगार शुरु करने वाले युवाओं को स्वरोजगार के लिये बीना किसी रुकावट के आसानी से लोन प्रदान करना और दूसरा छोटे उद्योगों को बढ़ावा देकर उनके जरिये नये रोजगारों का सृजन करना। पहले जहाँ छोटे व्यापार के शुरुआत के लिये व्यापारियों को बैंक से लोन लेने के लिये बहुत सारी औपचारिकताओं को पूरा करना पड़ता था और इसके लिये उन्हें लगातार बैंकों के चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन अब प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत अब आपको आसानी से लोन मिल सकता है। और वो भी बीना किसी गारंटी के अर्थात इस योजना का लाभ लेने के लिये आपको कोई गारंटी नहीं देनी पड़ती है। इस योजना के तहत आपको तीन तरह के लोन प्राप्त होते हैं।

छोटे व्यापारियों के लिये प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लाभ
छोटे व्यापारियों के लिये प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लाभ

शिशु लोन-इसके तहत आपको लोन के तौर पर आपको 50,000 रुपये तक की राशि प्रदान की जाती है।

किशोर लोन-इसमें आपको 50,000 से लेकर 5 लाख रुपये तक की राशि लोन के रुप में दी जाती है।

तरुण लोन-तरुण लोन में मिलने वाली राशि 5 लाख से 10 लाख रुपये तक की होती है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत जब आप लोन के लिये अप्लाई करते हैं तो बैंक की तरफ से आपको एक मुद्रा कार्ड प्रदान किया जाता है। इस कार्ड का प्रयोग आप अपने व्यापारिक खर्चों के भुगतान के लिये कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत लोन लेने पर आपको बैंक को किसी भी तरह की प्रोसेसिंग फीस नहीं देनी पड़ती है। और इसके साथ ही आपकी लोन को चुकाने की अवधि को 5 वर्ष तक के लिये बढ़ाया भी जा सकता है। इस योजना का लाभ लेने के लिये आपको सरकारी या गैरसरकारी किसी भी बैंक की शाखा में जाकर अप्लाई करना होता है। और साथ ही कुछ जरुरी डाक्यूमेंट्स जैसे एड्रेस प्रूफ, आधार कार्ड अथवा पैन कार्ड, और इसके साथ ही आप किस प्रकार का व्यापार करते हैं अथवा शुरु करना चाहते हैं उससे जुड़ा एक प्रोजेक्ट तैयार करके भी देना होता है। और साथ ही अगर हम इस लोन पर आने वाले ब्याजदर की बात करें तो वो अलग-अलग बैंक के हिसाब से अलग-अलग होता है। इस योजना के तहत कोई निश्चित इंटरेस्ट रेट नहीं है। कई बार आपके बिजनेस और उससे जुड़े जोखिमों के आधार पर भी ब्याजदर तय की जाती है पर सामान्यतः मिनिमम इंटरेस्ट रेट 12 प्रतिशत होता है।