हम सबके जीवन में कभी ना कभी ऐसा समय जरुर आता है जब अचानक हमें पैसों की सख्त जरुरत आ पड़ती है, कोई इमरजेंसी जैसे अस्पताल का खर्च अथवा शादी-ब्याह का खर्च, बच्चे के उच्च शिक्षा के लिये पैसे की जरुरत हो अथवा घर बनवाना हो या उसकी मरम्मत करानी हो अथवा कोई व्यक्तिगत खर्च हो इन सब के लिये जल्द से जल्द पैसे की की जरुरत को पूरा करने के लिये हमें पर्सनल लोन की आवश्यकता होती है जो की हमारी जरुरतों को जल्द से जल्द पूरा करता है। व्यक्तिगत लोन आसानी से मिल जाता है अतः अचानक आई किसी आर्थिक आपदा के लिये व्यक्तिगत लोन लेना एक अच्छा विकल्प है। चूँकि यह असुरक्षित लोन है तो जाहिर सी बात है इसको लेने के अपने कुछ जोखिम भी हैं अतः पर्सनल लोन लेने से पहले आपको इसके जोखिमों तथा अन्य सभी पहलुओं के बारे में अवश्य जान लेना चाहिए।

things to know before taking personal loan hindi

असुरक्षित ऋण

व्यक्तिगत ऋण एक असुरक्षित ऋण है अर्थात बाकि अन्य लोन की तरह आपको पर्सनल लोन लेने की तथा इसके उपयोग की कोई तय लिमिट नहीं होती है साथ ही इसके लिये लोन लेने वाले व्यक्ति को बैंक के पास कुछ गिरवी नहीं रखना पड़ता है अतः कुछ आसान प्रक्रिया के बाद बैंक द्वारा आपको यह आसानी से मिल जाता है, लेकिन इसकी ब्याज दरें अन्य सभी ऋणों के मुकाबले ज्यादा होता है।

जाँचे, परखे और फिर चुनें

अलग-अलग बैंकों के तथा वित्तिय संस्थानों के जो वित्त मुहैया कराते हैं, उन सबके इंटरेस्ट रेट तथा अन्य सभी प्रकार के फीस अलग-अलग होते हैं। अतः आपको जितने भी लोन अमाउंट की आवश्यकता है उसपर आने वाले ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस तथा अन्य सभी शुल्कों की जाँच अवश्य कर लें आप चाहें तो ईएमआई कैलकुलेटर की सहायता से भी तुलना कर सकते हैं।

आय के अनुसार ईएमआई चुनें

पर्सनल लोन लेने से पहले अपने मंथली इनकम तथा आय के अन्य स्रोतों के बारे में जाँच जरुर करें ताकि आपको लोन अमाउंट के हिसाब से ईएमआई तय करने में आसानी हो, जल्द से जल्द लोन खतम करने के चक्कर में ऐसा ईएमआई ना चुन लें जिसका भुगतान आप समय पर ना कर सकें अतः बेहतर होगा कि आप अपना ईएमआई अपने कुल मासिक आय का 20 से 35 प्रतिशत ही रखें।

ब्याज दर पर ध्यान दें

सेम लोन अमाउंट पर अलग-अलग बैंकों को ब्याज दर अलग-अलग हो सकता है अतः तुलना करे तथा बहतर का चुनाव करें जहाँ आपको ब्याज कम देना पड़े, ब्याज दर पर हमारे सिबिल स्कोर का असर भी पड़ता है अतः लोन लेने से पहले अपना सिबिल स्कोर अवश्य चेक करें और अगर उसमें कोई गड़बड़ी हो तो समय पर ठीक करा लें। यदि इसके बाद भी आपको लगता है कि बैंक द्वारा आपसे ब्याज अधिक लिया जा रहा है तो आप अपना लोन किसी अन्य बैंक में ट्रांसफर करवा सकते हैं।

लोन पीरियड कम रखें

कोशिक करें कि आप लोन की अवधि कम से कम रखें ताकि आपको किसी भी प्रकार मानसिक तनाव ना हो लेकिन ज्यादातर लोग कम ईएमआई के चक्कर में लोन की अवधि लम्बी रखते हैं जो कि किसी भी तरह से आपके लिये फायदेमंद नहीं होता है साथ ही कोशिक करें कि कम से कम लोन लें अर्थात जितनी जरुरत हो उतना लोन ले तथा समय पर उसका भुगतान करें।

नियम तथा शर्तों पर ध्यान दें

लोन के लिये बैंक के द्वारा दिये जाने वाले पेपर्स पर साइन करने से पहले उसे अच्छे तरिके से पढ़ें और फिर भी कोई डाउट हो तो उसके बारे में बैंक से जानकारी अवश्य लें, कहीं भी बिना पढ़े दस्तखत ना करें कई बार बैंक बहुत सारी महत्वपूर्ण जानकारियाँ छोटे शब्दों में लिखता है या फिर छुपा भी लेता है अतः सारे नियम व शर्तों के बारे में जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

साथ ही लोन देने से पहले बैंक आपसे कुछ जरुरी दस्तावेज की माँग करता है जैसे निवास प्रमाम पत्र, पहचान पत्र, आय का प्रमाण तथा पिछले 6 महिने का बैंक स्टेटमेंट अतः बैंक को सारे दस्तावेज उपलब्ध कराएँ जिससे जल्द से जल्द लोन मिलने में आसानी हो।

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